काशीपुर में होगी मखाने की खेती
उत्तराखण्ड
13 सितम्बर 2026
काशीपुर में होगी मखाने की खेती
काशीपुर। बिहार और पूर्वी भारत में प्रमुखता से की जाने वाली मखाने की खेती अब तराई क्षेत्र में भी शुरू होने जा रही है। कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) काशीपुर की पहल पर क्षेत्र में पहली बार मखाने की खेती का ट्रायल कराया जाएगा।
कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार तराई की जलवायु और यहां मौजूद तालाब व जलभराव वाले क्षेत्र मखाने की खेती के लिए उपयोगी हो सकते हैं। वर्तमान में कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां पानी की अधिकता के कारण पारंपरिक फसलों की खेती चुनौतीपूर्ण रहती है। ऐसे में मखाने की खेती किसानों के लिए अतिरिक्त आय का विकल्प बन सकती है। केवीके इसके लिए कुछ किसानों का चयन कर रहा है। चयनित किसानों के खेतों में जल्द ट्रायल शुरू कराया जाएगा। इस दौरान फसल की बढ़वार, उत्पादन, पानी की आवश्यकता और स्थानीय परिस्थितियों में इसकी उपयोगिता का आकलन किया जाएगा।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. निर्मला भट्ट ने बताया कि किसानों को बीज की गुणवत्ता और चयन, खेत अथवा तालाब की तैयारी, रोपण, पौधों की देखभाल, पोषण प्रबंधन, रोग एवं कीट प्रबंधन और सही समय पर कटाई की जानकारी दी जाएगी। प्रयास रहेगा कि ट्रायल के बाद किसान इसे व्यावसायिक स्तर पर भी अपना सकें।


