एक व्यक्ति से ₹1 करोड़ 52 लाख रूपये से अधिक की साइबर ठगी
उत्तराखण्ड
28 जुलाई 2026
एक व्यक्ति से ₹1 करोड़ 52 लाख रूपये से अधिक की साइबर ठगी
रुद्रपुर। जिले के दिनेशपुर निवासी एक व्यक्ति के साथ प्रदेश की बड़ी साइबर ठगी की घटना सामने आई है. पीड़ित का आरोप है कि अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान साइबर अपराधियों ने उसके बैंक खातों से मोबाइल बैंकिंग और एटीएम के माध्यम से ₹1 करोड़ 52 लाख रूपये से अधिक की रकम निकाल ली. मामले में साइबर थाना रुद्रपुर ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
पीड़ित ने बताया कि 21 जुलाई 2026 को उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई, जिसके बाद उन्हें पार्क हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया. वह 21 जुलाई से 25 जुलाई तक अस्पताल में भर्ती रहे. अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद भी कमजोरी और दवाइयों के प्रभाव के कारण वह घर पर आराम करते रहे और बैंक खातों की कोई जानकारी नहीं ले सके.27 जुलाई की सुबह करीब 9 बजे बैंक के शाखा प्रबंधक ने उन्हें फोन कर बताया कि उनके दोनों खातों से 22 जुलाई से 27 जुलाई के बीच ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और एटीएम निकासी के माध्यम से कुल ₹1,52,56,098 निकाल लिए गए हैं.
बैंक प्रबंधक ने यह भी जानकारी दी कि 22 जुलाई को उनके खाते से जुड़े मोबाइल नंबर पर मोबाइल बैंकिंग ऐप सक्रिय किया गया था. स्वरूप सिंह का कहना है कि उन्होंने कभी भी अपने मोबाइल पर यह ऐप सक्रिय नहीं किया और न ही उनके मोबाइल नंबर पर किसी प्रकार का ओटीपी प्राप्त हुआ. जब उन्होंने अपना मोबाइल देखा तो उसमें नेटवर्क भी नहीं आ रहे थे. उनका आरोप है कि साइबर अपराधियों ने धोखाधड़ी कर उनके मोबाइल नंबर का दुरुपयोग किया, मोबाइल बैंकिंग का एक्सेस प्राप्त किया और फिर दोनों खातों से करोड़ों रुपये निकाल लिए.
पीड़ित ने अपनी तहरीर में अजय, सोनू और मनजीत कौर नाम के लोगों पर संदेह जताते हुए आरोप लगाया है कि इन लोगों ने उनकी बीमारी का फायदा उठाया और योजनाबद्ध तरीके से इस बड़ी साइबर ठगी को अंजाम दिया. उनका कहना है कि जमीन बेचने के बाद खातों में बड़ी रकम जमा होने की जानकारी आरोपियों को थी, जिसके चलते उन्हें निशाना बनाया गया.घटना की जानकारी मिलने के बाद स्वरूप सिंह ने तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के आधार पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई. इसके बाद उन्होंने साइबर थाना रुद्रपुर पहुंचकर लिखित तहरीर दी और दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने तथा पूरी रकम वापस दिलाने की मांग की.
अरुण कुमार,साइबर इंस्पेक्टर, उधम सिंह नगर ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है. बैंक ट्रांजेक्शन, मोबाइल बैंकिंग रिकॉर्ड, तकनीकी साक्ष्यों और संदिग्ध व्यक्तियों की भूमिका की जांच की जा रही है. जांच के आधार पर जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा.
अरुण कुमार ने आम लोगों से अपील की कि अपने बैंक खाते, मोबाइल नंबर, ओटीपी और मोबाइल बैंकिंग संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत 1930 हेल्पलाइन या नजदीकी साइबर थाने को दें


