उत्तराखंड में समय से पहले चुनाव की चर्चाएं गर्म !
उत्तराखण्ड
19 जून 2026
उत्तराखंड में समय से पहले चुनाव की चर्चाएं गर्म !
देहरादून। उत्तराखण्ड विधानसभा चुनाव समय से पहले होने से लेकर इन दिनों चर्चाओं से गरमाई हुई है. मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल मार्च 2027 तक है, लेकिन जनवरी 2027 में प्रस्तावित हरिद्वार कुंभ और उसके बाद होने वाली जनगणना को देखते हुए चुनावी टाइमलाइन को लेकर राजनीतिक गलियारों में अटकलों का दौर शुरू हो गया है. हालांकि, अभी तक चुनाव आयोग की ओर से कोई आधिकारिक संकेत नहीं मिले हैं, लेकिन प्रदेश में तेजी से बदल रहे राजनीतिक घटनाक्रम इन चर्चाओं को लगातार हवा दे रहे हैं.
खासकर सत्ताधारी बीजेपी की बढ़ी हुई संगठनात्मक सक्रियता को भी इन अटकलों से जोड़कर देखा जा रहा है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हरिद्वार कुंभ जैसे विशाल आयोजन के दौरान प्रशासनिक मशीनरी का बड़ा हिस्सा व्यवस्थाओं में जुटा रहता है. इसके तुरंत बाद जनगणना की प्रक्रिया भी शुरू होनी है.
ऐसे में चुनाव आयोग प्रशासनिक सुविधाओं और व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए चुनावी कार्यक्रम को लेकर कोई विशेष निर्णय ले सकता है. हालांकि, अभी तक इस संबंध में किसी प्रकार की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक दलों ने संभावित परिस्थितियों को देखते हुए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं
बीजेपी 24 धण्टे सातों दिन चुनावी मोड में काम करने वाली पार्टी है और संगठन लगातार जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है. बीजेपी नेताओं के मुताबिक, हाल ही में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतिन नबीन के उत्तराखंड दौरे के बाद संगठनात्मक गतिविधियों में और तेजी आई है. व रूठों नेताओं को मनाने का सिलसिला लगातार जारी है। सरकार ने 100 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को विभिन्न दायित्व सौंपे हैं, जिनका काम सरकार और संगठन के बीच समन्वय स्थापित करना होगा. बीजेपी का दावा है कि सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है और चुनावी तैयारियों के तहत नेताओं की जिम्मेदारियां भी पहले से तय कर दी गई हैं.
दूसरी ओर कांग्रेस इन अटकलों को लेकर पूरी तरह बेफिक्र नजर आ रही है. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि चुनाव कब होंगे, इससे पार्टी को कोई फर्क नहीं पड़ता. क्योंकि, कांग्रेस लंबे समय से जनता के बीच सक्रिय है. पार्टी का दावा है कि प्रदेश में सरकार के खिलाफ माहौल बन रहा है और जनता महंगाई, बेरोजगारी और अन्य मुद्दों को लेकर नाराज है, जिसका सीधा लाभ कांग्रेस को मिलेगा.
वहीं, कांग्रेस की बात करे तो संगठनात्मक स्तर पर कांग्रेस खुद को बीजेपी से ज्यादा मजबूत बता रही है. इसके अलावा हाल में ही बीजेपी की ओर से विपक्ष नेता राहुल गांधी के दौरों को लेकर किए जा रहे राजनीतिक हमलों पर भी कांग्रेस ने पलटवार किया है. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी देश के आम लोगों की आवाज उठाने वाले नेता हैं और लगातार जनता के मुद्दों को सामने ला रहे हैं.
फिलहाल, उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव समय से पहले होंगे या तय समय पर, इसका फैसला भविष्य में चुनाव आयोग और परिस्थितियां तय करेंगी


