काशीपुर-धामपुर नई रेल लाइन परियोजना फाइनल सर्वे पूरा
उत्तराखण्ड
25 मई 2026
काशीपुर-धामपुर नई रेल लाइन परियोजना फाइनल सर्वे पूरा
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी जी की रेल मंत्री भारत सरकार से पूर्व में हुई वार्ता के अनुरूप मई फाइनल सर्वे होने पर काशीपुर-धामपुर नई रेल लाइन परियोजना फाइनल सर्वे पूरा होने से वह दिन दूर नहीं जब काशीपुर धामपुर रेल लाइन बनकर तैयार होगी ।
माह में अपडेट के अनुसार उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लाखों लोगों का वर्षों पुराना सपना अब धीरे-धीरे हकीकत में बदलता दिखाई दे रहा है। काशीपुर-धामपुर नई रेल लाइन परियोजना को लेकर एक बेहद अहम और बड़ी अपडेट सामने आई है। परियोजना का फाइनल इंजीनियरिंग सर्वे सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है, जिसकी आधिकारिक विनय रूहेला उपाध्यक्ष राज्य योजना आयोग ने पुष्टि की।
मई 2026 की मौजूदा स्थिति के अनुसार रेलवे बोर्ड द्वारा इस लगभग 58 से 70 किलोमीटर लंबी नई रेलवे लाइन के फाइनल सर्वे के लिए स्वीकृत किए गए ₹1.45 करोड़ के बजट का कार्य जमीन पर पूरा हो चुका है। अब इस सर्वे रिपोर्ट के आधार पर रेलवे प्रशासन द्वारा Detailed Project Report (DPR) को अंतिम रूप दिया जा रहा है, जिसमें पूरे रूट का फाइनल अलाइनमेंट, स्टेशन लोकेशन, पुल, क्रॉसिंग और अन्य तकनीकी पहलुओं को तय किया जा रहा है।
💰 इस महत्वाकांक्षी परियोजना की अनुमानित लागत लगभग ₹1200 करोड़ बताई जा रही है। परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए रेल मंत्रालय, उत्तर प्रदेश सरकार और उत्तराखंड सरकार के बीच तालमेल बनाकर Joint Venture Company (JVC) तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है, ताकि दोनों राज्यों की सीमा से जुड़े मामलों और भूमि अधिग्रहण की बाधाओं को बिना विवाद के जल्द सुलझाया जा सके।
🚉 रेलवे के नए ब्लूप्रिंट के अनुसार इस रूट पर संभावित रूप से निम्न स्टेशन विकसित किए जा सकते हैं कृ
➡️ काशीपुर
➡️ ठाकुरद्वारा
➡️ जसपुर
➡️ भूतपुरी
➡️ शेरकोट
➡️ धामपुर

यदि सब कुछ तय समय के अनुसार आगे बढ़ता है तो DPR की अंतिम मंजूरी मिलते ही भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना जारी कर दी जाएगी और संभावना जताई जा रही है कि अप्रैल 2027 तक जमीन पर निर्माण कार्य शुरू हो सकता है।🌉 इस रेल लाइन का सबसे बड़ा फायदा उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को मिलेगा। वर्तमान में देहरादून से काठगोदाम या कुमाऊं क्षेत्र की ओर जाने वाली ट्रेनों को मुरादाबाद-रामपुर होकर लंबा और चक्करदार मार्ग लेना पड़ता है, लेकिन इस नई लाइन के बन जाने के बाद सफर लगभग 50 किलोमीटर तक कम हो जाएगा। इससे यात्रियों का समय बचेगा, संचालन आसान होगा और नई ट्रेनों के संचालन की संभावनाएं भी बढ़ जाएंगी।
📈 इसके अलावा यह रेल लाइन पर्यटन, व्यापार, उद्योग और स्थानीय रोजगार के लिए भी गेमचेंजर साबित हो सकती है। उधम सिंह नगर और बिजनौर क्षेत्र के हजारों लोगों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे पूरे इलाके के विकास को नई दिशा मिलेगी।


