रिश्वत मांगना हरिद्वार के दो अधिकारियों को भारी पड़ा
उत्तराखण्ड
20 अगस्त 2026
रिश्वत मांगना हरिद्वार के दो अधिकारियों को भारी पड़ा
लक्सर/रुड़की। सरकारी योजना का लाभ दिलाने के नाम पर रिश्वत मांगना हरिद्वार के दो अधिकारियों को भारी पड़ गया. खानपुर विकासखंड में तैनात सहायक कृषि अधिकारी और नारसन ब्लॉक में पीआरडी क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी को देहरादून की सतर्कता विभाग की टीम ने रिश्वत के साथ गिरफ्तार किया.
जानकारी के मुताबिक, खानपुर निवासी शिकायतकर्ता के भाई ने कृषि यंत्र खरीदने के लिए सब्सिडी का आवेदन किया था. आरोप है कि आवेदन की फाइल आगे बढ़ाने के बदले खानपुर विकासखंड में तैनात सहायक कृषि अधिकारी हरिओम यादव ने 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगी. रिश्वत की मांग से परेशान शिकायतकर्ता ने इसकी शिकायत सतर्कता अधिष्ठान से की.
शिकायत मिलने के बाद सतर्कता टीम ने मामले का सत्यापन कराया. सत्यापन में रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के बाद टीम ने आरोपी अधिकारी को पकड़ने के लिए ट्रैप की योजना तैयार की.
18 अगस्त मंगलवार को टीम ने जाल बिछाया और जैसे ही आरोपी अधिकारी ने 10 हजार रुपए की रिश्वत ली, सतर्कता अधिष्ठान की टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथ दबोच लिया. गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ नियमानुसार विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है.
सरकारी योजना का लाभ दिलाने के नाम पर हुई इस कार्रवाई के बाद संबंधित विभाग में हड़कंप मचा हुआ है. सतर्कता अधिष्ठान की कार्रवाई ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि सरकारी काम के बदले रिश्वत मांगने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी.
पीआरडी क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी गिरफ्तार- उधर, रुड़की के मंगलौर के नारसन ब्लॉक में देहरादून की सतर्कता विभाग की टीम ने पीआरडी क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी कुलदीप को कथित तौर पर 35 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया. विजिलेंस की अचानक हुई कार्रवाई से ब्लॉक परिसर में हड़कंप मच गया.
दरअसल, ग्राम मुंडियकी निवासी व्यक्ति ने सतर्कता विभाग में शिकायत की थी कि ब्लॉक से जुड़े एक काम को कराने के एवज में पीआरडी क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी कुलदीप द्वारा उससे 35 हजार रुपए की रिश्वत मांगी जा रही है. शिकायत मिलने के बाद सतर्कता विभाग ने मामले का सत्यापन कराया. शिकायत सही पाए जाने के बाद विजिलेंस टीम ने आरोपी अधिकारी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया.
18 अगस्त को देहरादून से पहुंची सतर्कता विभाग की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए आरोपी अधिकारी को कथित तौर पर 35 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया. गिरफ्तार कुलदीप के पास से 500-500 के 35 हजार के नोट बरामद हुए हैं.
गिरफ्तारी की कार्रवाई के बाद विजिलेंस टीम ने ब्लॉक परिसर में ही आरोपी से पूछताछ शुरू कर दी, साथ ही मामले से जुड़े दस्तावेजों और अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है. विजिलेंस की इस कार्रवाई से नारसन ब्लॉक परिसर में मौजूद कर्मचारियों और लोगों में अफरा-तफरी मची है.


