उपनल कर्मचारियों को एक मार्च से मिलेगा समान कार्य.समान वेतन का लाभ
उत्तराखण्ड
3 जुलाई 2026
उपनल कर्मचारियों को एक मार्च से मिलेगा समान कार्य.समान वेतन का लाभ
नैनीताल। प्रदेश के सरकारी विभागों में सालों से लगे उपनल (उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड) संविदा कर्मचारियों को नियमित करने का आदेश उत्तराखंड हाईकोर्ट पहले ही दे चुका है. फिर भी उपनल कर्मचारियों को अभी तक नियमित नहीं किया. इसके अलावा उन्हें चयनित वेतनमान नहीं दिए और उनको दिए गए वेतन से जीएसटी काटे जाने के खिलाफ दायर अवमानना याचिका पर आज 2 जुलाई को उत्तराखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई.
आज हुए सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से कोर्ट के सामने एक जुलाई 2026 का शासनादेश पेश किया गया, जिसमें कहा गया कि राज्य सरकार ने उपनल कर्मचारियों को नियमित करने के लिए कट ऑफ डेट 2018 से बढ़ाकर 15 अक्टूबर 2024 कर दी है, जो भी कर्मचारी इसमे आएंगे वे समान कार्य समान वेतन पाने के हकदार होंगे. इसका लाभ उन्हें एक मार्च 2026 से दिया जाएगा.
इसके साथ ही सरकार की तरफ तीन फरवरी 2026 के आदेश भी पेश किया गया, जिसमें कहा गया है कि ये कर्मचारी नियमित कर्मचारियों की सेवा शर्तों की भांति अन्य लाभों की मांग नही करेंगे, जो नियुक्ति होगी वह संविदा के आधार पर होगी. इस पर कोर्ट ने सरकार से स्पष्टीकरण करने को कहा है, जिस पर सरकार ने कोर्ट से एक सप्ताह का समय देने की मांग की गई, जिसे स्वीकार करते हुए कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए 9 जुलाई की तिथि नियत की है.
आज मामले की सुनवाई न्यायमूर्ती राकेश थपलियाल की एकलपीठ में हुई. पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राज्य सरकार से कहा था कि पहले इन्हें न्यूनतम वेतनमान दिया जाय. बता दें कि उपनल कर्मचारी संघ ने उच्च न्यायालय में अवमानना याचिका दायर कर कहा है कि नवंबर 2025 मे कोर्ट की खंडपीठ द्वारा पारित आदेश का अनुपालन अभी तक राज्य सरकार ने नहीं किया, जबकि कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया था कि उपनल कर्मचारियों को पहले समान कार्य समान वेतन दिया जाय, उनके वेतन पर लगने वाले जीएसटी को न वसूला जाय और नियमितीकरण की प्रक्रिया अपनाई जाय. लेकिन इस आदेश पर अब तक राज्य सरकार की तरफ से कोई निर्णय नहीं लिया गया


