उत्तराखंड में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय, बारिश के कारण पर्वतीय जिलों में कई मार्गों पर भूस्खलन

सिद्धार्थ राजपूत, देहरादून संवाददाता
उत्तराखण्ड
19 जुलाई 2026
उत्तराखंड में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय, बारिश के कारण पर्वतीय जिलों में कई मार्गों पर भूस्खलन
देहरादून। उत्तराखंड में लगातार कई घंटे से बारिश का सिलसिला जारी है. देहरादून के अलावा दूसरे मैदानी इलाकों और खासकर पर्वतीय जिलों के ज्यादातर क्षेत्र बारिश से प्रभावित दिखाई दे रहे हैं. लगातार हो रही बारिश के कारण पर्वतीय जिलों में कई मार्गों पर भूस्खलन की भी घटनाएं भी हुई. जिसके कारण कुछ मार्ग बाधित भी हुए हैं.
बता दें कि उत्तराखंड में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है. पिछले कई घंटों से लगातार हो रही बारिश ने मैदानी से लेकर पर्वतीय जिलों तक जनजीवन प्रभावित कर दिया है. राजधानी देहरादून समेत हरिद्वार, नैनीताल, उधम सिंह नगर और पर्वतीय जिलों में लगातार बारिश का दौर जारी है. सबसे ज्यादा असर पहाड़ी इलाकों में देखने को मिल रहा है, जहां जगह-जगह भूस्खलन होने से कई मोटर मार्ग बाधित हो गए हैं. इससे यात्रियों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है.
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने उत्तराखंड के लिए 19 से 23 जुलाई तक पांच दिनों का जिला स्तरीय मौसम पूर्वानुमान जारी किया है. पूर्वानुमान के मुताबिक, राज्य के ज्यादात हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है. 19 और 20 जुलाई को देहरादून, नैनीताल, चंपावत, उधम सिंह नगर, टिहरी, उत्तरकाशी, हरिद्वार, पौड़ी और बागेश्वर समेत कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश भी हो सकती है.
मौसम विभाग ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों के किनारे न जाने और प्रशासन की ओर से जारी एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है. वहीं, जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को भी सतर्क रहने को कहा है. साथ ही किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं.
उधर, उत्तरकाशी के अलावा चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, चंपावत जैसे जिलों में भी भूस्खलन से कुछ सड़कें बाधित होने की खबरें आ रही हैं. हालांकि, जिला प्रशासन के स्तर पर संवेदनशील मार्गाे में सड़कों को जल्द से जल्द खोलने के लिए भी निर्देश दिए गए हैं. आपदा प्रबंधन विभाग की तरफ से भी जिला प्रशासन को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं. मौसम विभाग की चेतावनी को देते हुए पर्वतीय जिलों को विशेष तौर पर चारधाम से जुड़े जिलों में विशेष एहतियात बरतने के लिए कहा गया है.


