उत्तराखंड

महाविद्यालय से एक साथ 21 प्राध्यापकों का तबादले

उत्तराखण्ड
14 जून 2026
महाविद्यालय से एक साथ 21 प्राध्यापकों का तबादले
रामनगर :  PNG Government College में उच्च शिक्षा विभाग के नए तबादला आदेशों के बाद शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित होती नजर आ रही है। महाविद्यालय से एक साथ 21 प्राध्यापकों का तबादला कर दिया गया है, जबकि उनकी जगह केवल 17 नए प्राध्यापकों की तैनाती की गई है। इससे कई विषयों में शिक्षकों की कमी पैदा हो गई है।

तबादला सूची में संस्कृत विषय के प्राध्यापक का भी स्थानांतरण कर दिया गया, लेकिन उनकी जगह कोई नया प्राध्यापक नहीं भेजा गया है। ऐसे में स्नातक स्तर पर संस्कृत की पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। नए शैक्षणिक सत्र में उनकी पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
कई विषयों में घट गई शिक्षकों की संख्या

महाविद्यालय में समाजशास्त्र विषय के दो प्राध्यापकों का तबादला हुआ, जबकि उनकी जगह केवल एक प्राध्यापक भेजा गया है। इसी तरह भूगोल विभाग के दो प्राध्यापकों का स्थानांतरण हुआ, लेकिन केवल एक नए शिक्षक की नियुक्ति की गई है। वनस्पति विज्ञान विभाग में भी तीन प्राध्यापक स्थानांतरित हुए हैं, जबकि उनकी जगह सिर्फ दो प्राध्यापक भेजे गए हैं। इससे विभिन्न विभागों में शिक्षण कार्य प्रभावित होने की संभावना बढ़ गई है। आगे पढ़िए..

महाविद्यालय से स्थानांतरित हुए प्राध्यापकों को बाजपुर, द्वाराहाट, रुद्रपुर, गणाई गंगोली, काशीपुर, मानिला, गोपेश्वर, रानीखेत, कर्णप्रयाग, लोहाघाट, जयहरीखाल, अगस्त्यमुनि, नैनीडांडा, बेरीनाग और उत्तरकाशी समेत विभिन्न स्थानों पर भेजा गया है। वहीं रसायन विज्ञान विभाग के संविदा प्राध्यापक भी नए प्राध्यापक की नियुक्ति के कारण प्रभावित हुए हैं। महाविद्यालय में 10 जुलाई तक सेमेस्टर परीक्षाएं संचालित होनी हैं। ऐसे में स्थानांतरित प्राध्यापकों की रिलीविंग और नए शिक्षकों की ज्वाइनिंग प्रक्रिया के चलते परीक्षा कार्यों पर भी असर पड़ सकता है। महाविद्यालय प्रशासन इस स्थिति को लेकर चिंतित है।

एसआईआर ड्यूटी में लगे प्राध्यापक भी हुए प्रभावित
महाविद्यालय के चार प्राध्यापकों की ड्यूटी एसआईआर कार्य में लगी हुई थी। इन चारों का भी तबादला हो गया है। इस संबंध में महाविद्यालय के प्राचार्य M C Pandey ने संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर प्राध्यापकों को एसआईआर ड्यूटी से कार्यमुक्त करने का अनुरोध किया है। एक साथ बड़ी संख्या में हुए तबादलों के कारण महाविद्यालय में शैक्षणिक संतुलन बनाए रखना चुनौती बन गया है। विशेष रूप से संस्कृत, समाजशास्त्र, भूगोल और वनस्पति विज्ञान जैसे विषयों में शिक्षकों की कमी से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका है। छात्र और अभिभावक अब उच्च शिक्षा विभाग से रिक्त पदों को जल्द भरने की मांग कर रहे हैं

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