उत्तराखंड

फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों के खिलाफ स्पेशल टास्क फोर्स का अभियान लगातार तेज

उत्तराखण्ड
29 जून 2026
फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों के खिलाफ स्पेशल टास्क फोर्स का अभियान लगातार तेज
रुद्रपुर। उत्तराखंड में फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों के खिलाफ स्पेशल टास्क फोर्स का अभियान लगातार तेज होता जा रहा है. देर रात काशीपुर में छापेमारी कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जिसके कब्जे से एक सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल और नौ जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं. इस कार्रवाई के साथ अब तक इस मामले में 11 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है.

उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान श्ऑपरेशन प्रहारश् के तहत एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए 11वें आरोपी को गिरफ्तार किया है.

एसटीएफ द्वारा मिली सटीक सूचना, तकनीकी विश्लेषण और गहन जांच के आधार पर काशीपुर क्षेत्र में सघन छापेमारी की गई. इस दौरान फईम अहमद नामक आरोपी को गिरफ्तार किया गया. आरोपी उधम सिंह नगर जिले के थाना कुंडा क्षेत्र के बसई चौक, हरियावाला चौराहा का निवासी है और उसकी उम्र 24 वर्ष बताई गई है.

गिरफ्तारी के दौरान एसटीएफ ने आरोपी के कब्जे से एक .32 बोर की सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल और नौ जिंदा कारतूस बरामद किए. जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने शाहजहांपुर के नाम से फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनवाया था. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस लाइसेंस को तैयार कराने में किन लोगों की भूमिका रही और इसके पीछे सक्रिय नेटवर्क कितना बड़ा है.

एसटीएफ ने इस पूरे मामले में पहले ही 4 जून को काशीपुर कोतवाली में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कराया था. विवेचना के दौरान लगातार नए तथ्य सामने आ रहे हैं, जिनके आधार पर एक-एक कर आरोपियों की गिरफ्तारी की जा रही है.

जांच में किसी भी व्यक्ति, लाइसेंस धारक, हथियार आपूर्तिकर्ता या किसी अन्य सहयोगी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा.
-अजय सिंह, एसएसपी, एसटीएफ-

एसटीएफ के अनुसार ऑपरेशन प्रहार के तहत अब तक राज्य के विभिन्न जिलों में तीन मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं. अभियान के दौरान अब तक 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है. इसके अलावा 15 अवैध हथियार, 350 कारतूस और बड़ी संख्या में फर्जी एवं संदिग्ध शस्त्र लाइसेंस बरामद किए जा चुके हैं.

हल्द्वानी में हथियार तस्कर गिरफ्तार- हल्द्वानी में अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ नैनीताल पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी के निर्देशन में एसओजी और चोरगलिया थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए हथियार तस्कर को गिरफ्तार किया है. आरोपी के कब्जे से आठ अवैध तमंचे और दस जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं. पुलिस अब आरोपी के आपराधिक इतिहास और हथियारों के सप्लाई नेटवर्क की गहन जांच में जुट गई है.

नैनीताल में अपराध और अवैध हथियारों की तस्करी पर लगाम लगाने के लिए चलाए जा रहे श्ऑपरेशन प्रहारश् के तहत पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी के निर्देशन में थाना चोरगलिया पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम द्वारा कार्रवाई की गई है. पुलिस के मुताबिक, 27 जून को चोरगलिया क्षेत्र के एमवीआर गेट पर वाहन चेकिंग के दौरान मुखबिर से मिली सटीक सूचना पर पुलिस टीम ने गलफार गेट की ओर जाने वाले मार्ग पर एक संदिग्ध युवक को घेरकर पकड़ लिया. तलाशी लेने पर उसके बैग से भारी मात्रा में अवैध हथियार बरामद हुए.

पुलिस ने आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर उसके खिलाफ थाना चोरगलिया में आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया. गिरफ्तार आरोपी की पहचान रियासत पुत्र रईस अहमद निवासी सितारगंज, उधम सिंह नगर के रूप में हुई है. उसके कब्जे से दो देसी 12 बोर तमंचे, छह जिंदा कारतूस, छह देसी 315 बोर तमंचे और चार जिंदा कारतूस बरामद किए गए. यानी कुल आठ अवैध तमंचे और दस जिंदा कारतूस पुलिस ने जब्त किए हैं.

एसएसपी ने बताया कि अवैध हथियारों के सप्लायर को असलहों की खेप के साथ गिरफ्तार किया है. टीम आगे की कार्रवाई कर रही है. एसओजी और चोरगलिया पुलिस की संयुक्त टीम को प्रोत्साहन स्वरूप 2,500 रुपए नकद पुरस्कार दिया गया है.

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