पुलिस और शिक्षा विभाग की संयुक्त कार्रवाई में करोड़ों रुपये की एनसीईआरटी की किताबें बरामद
उत्तराखण्ड
15 मार्च 2026
पुलिस और शिक्षा विभाग की संयुक्त कार्रवाई में करोड़ों रुपये की एनसीईआरटी की किताबें बरामद
रुद्रपुर। प्रशासन, पुलिस और शिक्षा विभाग की संयुक्त कार्रवाई में कीरतपुर क्षेत्र में करोड़ों रुपये की एनसीईआरटी की किताबें बरामद की हैं. गोदाम से किताबों से लदा एक ट्रक भी कब्जे में लिया गया है. प्रारंभिक जांच में किताबों की बिलिंग फर्जी होने की बात सामने आई है. मामले की सूचना एनसीईआरटी और शिक्षा विभाग निदेशालय को दे दी गई है. सोमवार को एनसीईआरटी की टीम के रुद्रपुर पहुंचने की उम्मीद है.
रुद्रपुर के कीरतपुर क्षेत्र में प्रशासन, शिक्षा विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने एक गोदाम में छापेमारी कर बड़ी मात्रा में एनसीईआरटी की किताबें बरामद की हैं. बरामद किताबों की कीमत करीब तीन से चार करोड़ रुपये बताई जा रही है. छापेमारी के दौरान गोदाम में कोई कर्मचारी मौजूद नहीं मिला. जिससे मामले में कई सवाल खड़े हो गए हैं. पुलिस ने मौके से किताबों से भरे एक ट्रक को भी कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है.
जानकारी के अनुसार देर रात पुलिस को एक मुखबिर से सूचना मिली थी कि कीरतपुर स्थित एक गोदाम से एनसीईआरटी की किताबें ट्रक के माध्यम से कहीं भेजी जा रही हैं. सूचना मिलते ही कोतवाल मनोज रतूड़ी ने अपने उच्चाधिकारियों को इसकी जानकारी दी. इसके बाद पुलिस के उच्चाधिकारियों ने प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को मामले से अवगत कराया.
सूचना मिलने पर जिला शिक्षा अधिकारी हरेंद्र मिश्रा भी मौके पर पहुंचे. हालांकि उस समय प्रशासनिक अधिकारी मौजूद नहीं थे, इसलिए रात में कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी. सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस टीम ने गोदाम पर नजर बनाए रखी.
अगली सुबह प्रशासन की ओर से तहसीलदार दिनेश कुटौला के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची. तहसीलदार और जिला शिक्षा अधिकारी की मौजूदगी में गोदाम का ताला तोड़ा गया. जब टीम गोदाम के अंदर पहुंची तो वहां बड़ी संख्या में एनसीईआरटी की किताबें रखी हुई मिलीं. इसके साथ ही एक ट्रक भी मिला, जिसमें किताबें लदी हुई थीं.
प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि गोदाम में मौजूद किताबों की बिलिंग पूरी तरह से फर्जी है. गोदाम पर पहुंचने पर वहां कोई कर्मचारी भी मौजूद नहीं मिला. इससे यह आशंका जताई जा रही है कि किताबों को अवैध तरीके से कहीं भेजने की तैयारी की जा रही थी.
जिला शिक्षा अधिकारी हरेंद्र मिश्रा ने बताया सूचना मिलने के बाद वह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे. फिलहाल यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि किताबें कहां से लाई गई थीं. उन्हें कहां भेजा जाना था. किताबों के कुछ सैंपल जांच के लिए भी लिए गए हैं.
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की ओर से एनसीईआरटी की किताबें छापने के लिए केवल तीन प्रिंटर्स को अधिकृत किया गया है. इनमें राज इंटरप्राइजेस, दीपक प्रिंटर्स और मथुरा स्थित आज तक प्रिंटर्स शामिल हैं. इनके अलावा किसी अन्य संस्था या व्यक्ति को किताबें छापने की अनुमति नहीं है.
मामले की सूचना शिक्षा विभाग के निदेशालय देहरादून और एनसीईआरटी के अधिकारियों को दे दी गई है. गोदाम को फिलहाल पुलिस सुरक्षा में रखा गया है. सोमवार को एनसीईआरटी की टीम के रुद्रपुर पहुंचने की उम्मीद है.


