1109 करोड़ रुपए के बैंक धोखाधड़ी, उत्तराखंड के काशीपुर सहित पश्चिम बंगाल, ओडिशा और तमिलनाडु के 6 ठिकानों पर छापेमारी
उत्तराखण्ड
20 जुलाई 2026
1109 करोड़ रुपए के बैंक धोखाधड़ी, उत्तराखंड के काशीपुर सहित पश्चिम बंगाल, ओडिशा और तमिलनाडु के 6 ठिकानों पर छापेमारी
देहरादून। सीबीआई यानी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने 1109 करोड़ रुपए के बैंक धोखाधड़ी मामले में उत्तराखंड समेत पश्चिम बंगाल, ओडिशा और तमिलनाडु के 6 ठिकानों पर छापेमारी की. मामला भुवनेश्वर स्थित गुप्ता पावर इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड की ओर से केनरा बैंक के साथ कथित धोखाधड़ी से जुड़ा है. आरोप है कि कंपनी ने फर्जी वित्तीय दस्तावेज, स्टॉक का बढ़ा-चढ़ाकर मूल्यांकन और ट्रेड रिसीवेबल्स में हेरफेर कर अधिक ऋण लिया. साथ ही ऋण राशि का दुरुपयोग किया. उत्तराखंड के काशीपुर स्थित कंपनी के प्लांट पर भी तलाशी ली गई, जहां से महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए. फिलहाल, मामले की जांच जारी है.
दरअसल, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने 1109 करोड़ रुपए के बैंक धोखाधड़ी मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तराखंड समेत चार राज्यों में एक साथ छापेमारी की है. यह कार्रवाई बीती रोज यानी 18 जुलाई 2026 को की गई. जिसके तहत पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तमिलनाडु और उत्तराखंड के कुल छह ठिकानों पर छापेमारी की गई. मामला ओडिशा के भुवनेश्वर स्थित M/S गुप्ता पावर इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड से जुड़ा है, जिस पर केनरा बैंक के साथ 1109 करोड़ रुपए की कथित धोखाधड़ी का आरोप है.
क्या हैं आरोप? सीबीआई के मुताबिक, कंपनी और उसके निदेशकों के खिलाफ दर्ज मामले में आरोप है कि बैंक से मिली विभिन्न फंड आधारित और गैर-फंड आधारित वित्तीय सुविधाओं का दुरुपयोग किया गया. जांच एजेंसी का कहना है कि कंपनी ने अपने स्टॉक का मूल्य कृत्रिम रूप से बढ़ाकर दिखाया. व्यापारिक देनदारियों (ट्रेड रिसीवेबल्स) को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया और वित्तीय दस्तावेजों में कथित तौर पर हेरफेर कर अधिक ऋण सुविधाएं हासिल कीं.
जांच में ये भी आरोप सामने आया है कि बैंक से प्राप्त ऋण राशि को निर्धारित उद्देश्य के बजाय अन्य जगहों पर स्थानांतरित किया गया. खातों को नियमित दिखाने के लिए एवरग्रीनिंग जैसी प्रक्रियाओं का सहारा लिया गया. इन कथित अनियमितताओं के कारण केनरा बैंक को 1109 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ. सीबीआई ने बताया कि तलाशी अभियान विशेष CBI अदालत, भुवनेश्वर की ओर से जारी सर्च वारंट के आधार पर चलाया गया.
उधम सिंह नगर जिले के काशीपुर स्थित निर्माण संयंत्र पर भी छापा: वहीं, छापेमारी के दौरान कंपनी के चार निदेशकों के ओडिशा स्थित आवासों, पश्चिम बंगाल के कोलकाता में कंपनी के पंजीकृत कार्यालय और तीन विनिर्माण इकाइयों की तलाशी ली गई. इनमें उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के काशीपुर स्थित निर्माण संयंत्र, तमिलनाडु के तिरुवल्लूर और ओडिशा के भुवनेश्वर स्थित प्लांट शामिल हैं.
उत्तराखंड में की गई कार्रवाई के तहत काशीपुर स्थित कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट पर CBI अधिकारियों ने दस्तावेजों की जांच की. एजेंसी के अनुसार, तलाशी के दौरान कई महत्वपूर्ण और आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए जब्त कर लिया गया है. इन दस्तावेजों के आधार पर वित्तीय लेन-देन, बैंक ऋण के उपयोग और कथित अनियमितताओं की विस्तृत जांच की जाएगी.
सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि यह मामला अभी जांच के अधीन है और बरामद दस्तावेजों की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. एजेंसी ये भी पता लगाने में जुटी है कि कथित धोखाधड़ी में किन-किन लोगों की भूमिका रही और क्या बैंकिंग नियमों का उल्लंघन कर सुनियोजित तरीके से ऋण राशि का दुरुपयोग किया गया? फिलहाल, मामले की जांच जारी है. आने वाले दिनों में इस प्रकरण में नए खुलासे और अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है.


