तेज आंधी-तूफान ने किसानों की मेहनत पर फिरा पानी
उत्तराखण्ड
5 मई 2026
तेज आंधी-तूफान ने किसानों की मेहनत पर फिरा पानी
रामनगर। रामनगर में देर रात आए तेज आंधी-तूफान ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया. तेज हवाओं के चलते आम के पेड़ों से बड़ी संख्या में फल टूटकर जमीन पर गिर गए, जिससे पैदावार को भारी नुकसान हुआ है.अचानक आए आंधी तूफान ने किसानों की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया है. जिसके बाद उन्हें आर्थिकी की चिंता सता रही है.
रामनगर क्षेत्र में बीती रात अचानक मौसम ने करवट ली और तेज आंधी-तूफान ने जमकर तबाही मचाई. देर रात आई तेज हवाओं और झोंकों ने खास तौर पर आम के बागानों को बुरी तरह प्रभावित किया है.किसानों के अनुसार, तूफान इतना तेज था कि पेड़ों पर लगे कच्चे आम बड़ी संख्या में टूटकर जमीन पर गिर गए. सुबह जब किसान अपने बागानों में पहुंचे तो हर तरफ गिरे हुए आम दिखाई दिए, जिसे देखकर उनकी चिंता और बढ़ गई.स्थानीय किसानों का कहना है कि इस समय आम की पैदावार तैयार होने के करीब थी और बाजार में अच्छे दाम मिलने की उम्मीद थी.
लेकिन अचानक आए इस तूफान ने उनकी उम्मीदों को बड़ा झटका दे दिया. कई किसानों ने बताया कि उनके बागानों में भारी मात्रा में आम गिरकर खराब हो गए हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा.किसानों का कहना है कि आम की पैदावार सालभर की मेहनत का नतीजा होती है. लेकिन एक ही रात में आई इस प्राकृतिक आपदा ने उनकी पूरी मेहनत पर पानी फेर दिया. कई जगहों पर पेड़ों की डालियां भी टूट गई हैं, जिससे आने वाले समय में भी उत्पादन पर असर पड़ सकता है.
बता दें कि आंधी तूफान के कारण आम के साथ ही लीची, खुमानी, आड़ू, सेब, अमरूद, नाशपाती, कीवी और अखरोट के पेड़ों से कच्चे फल बड़ी मात्रा में टूटकर जमीन पर गिर गए हैं, जिससे किसानों को नुकसान के साथ ही, उनकी साल भर की मेहनत पर पानी फिर गया है. आंधी तूफान ने बागवानी को काफी क्षति पहुंचाने के साथ ही किसानों की चिंता को बढ़ा दिया है. किसानों को इस बार पैदावार से काफी उम्मीदें थी. कई जगहों पर तो पेड़ जड़ सहित उखड़ गए. किसान प्रशासन से क्षति का आकलन कर मुआवजे की मांग कर रहे हैं, जिससे उन्हें राहत मिल सके.


