उत्तराखंड

डिजिटल अरेस्ट कर 1 करोड़ 20 लाख 18 हजार रुपये की साइबर ठगी का खुलासा

उत्तराखण्ड
8 सितम्बर 2026
डिजिटल अरेस्ट कर 1 करोड़ 20 लाख 18 हजार रुपये की साइबर ठगी का खुलासा
रुद्रपुर। डिजिटल अरेस्ट कर 1 करोड़ 20 लाख 18 हजार रुपये की साइबर ठगी का खुलासा करते हुए उत्तराखंड एसटीएफ ने एक आरोपी को पश्चिम बंगाल के मालदा से गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपी की पहचान शान्तनु दास पुत्र समीर कुमार दास, निवासी ग्राम गोपालपुर, निकट हरि मंदिर, थाना इंग्लिश बाजार, जिला मालदा, पश्चिम बंगाल के रूप में हुई है. जिसके बाद पुलिस ने आगे की कार्रवाई तेज कर दी है.

एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के अनुसार यह मामला जनपद अल्मोड़ा निवासी एक वरिष्ठ नागरिक की शिकायत पर सामने आया था. पीड़िता ने जनवरी 2026 में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत के मुताबिक दिसंबर 2025 में अज्ञात साइबर अपराधियों ने व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से उनसे संपर्क किया और खुद को टेलीकॉम रेग्यूलेटरी विभाग का अधिकारी बताया.आरोपियों ने पीड़िता को बताया कि उनका आधार कार्ड केनरा बैंक के एक खाते से लिंक है और उस खाते में कथित तौर पर 60 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी रकम प्राप्त हुई है.

इसके अलावा आरोपियों ने दावा किया कि खाते से करीब पांच हजार लोगों को धनराशि ट्रांसफर की गई है और पीड़िता के खिलाफ पांच हजार एफआईआर दर्ज हैं. इन बातों से डरा-धमकाकर उन्हें कानूनी कार्रवाई का भय दिखाया गया. साइबर अपराधियों ने पीड़िता के सभी बैंक खातों के सत्यापन की बात कहते हुए उन्हें लगातार व्हाट्सएप कॉल पर बने रहने के लिए कहा. किसी अन्य व्यक्ति से संपर्क नहीं करने की हिदायत देते हुए उन्हें हाउस अरेस्ट और डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाया गया. इसी तरह अपराधियों ने 12 दिनों तक पीड़िता को अपने प्रभाव में रखा और अलग-अलग बैंक खातों में कुल 1 करोड़ 20 लाख 18 हजार रुपये जमा करा लिए.

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ कार्यालय उत्तराखंड के दिशा निर्देश पर लगातार साइबर अपराधों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. इसी क्रम में साइबर थाना कुमाऊं पर क्षेत्र रुद्रपुर में साइबर धोखाधड़ी के अभियुक्त को मालदा (पश्चिम बंगाल) से गिरफ्तार किया गया है.
-अरुण कुमार सिंह, साइबर थाना इंस्पेक्टर-

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने अपर पुलिस अधीक्षक और प्रभारी सीसीपीएस को शीघ्र खुलासे के निर्देश दिए. साइबर क्राइम पुलिस टीम ने घटना में इस्तेमाल बैंक खातों, पंजीकृत मोबाइल नंबरों और व्हाट्सएप से संबंधित जानकारी जुटाने के लिए संबंधित बैंकों, सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों और मेटा से पत्राचार किया. तकनीकी और डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण के दौरान पुलिस को उन बैंक खातों और मोबाइल नंबरों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली, जिनका इस्तेमाल साइबर ठगी में किया गया था.

सत्यापन और तकनीकी जांच के बाद पुलिस टीम ने शान्तनु दास को मालदा, पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार कर लिया.पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए अपने बैंक खाते का इस्तेमाल किया. इसी खाते में पीड़िता से धोखाधड़ी पूर्वक रुपये प्राप्त हुए, जिन्हें बाद में अन्य खातों में स्थानांतरित किया गया. मामले में आगे की विवेचना जारी है और साइबर ठगी से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है

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