कांवड़ यात्रा – एक फौजी अपनी मां को कंधे पर बैठाकर हरिद्वार स्नान कराकर गंतव्य की ओर हुआ रवाना
उत्तराखण्ड
6 अगस्त 2026
कांवड़ यात्रा – एक फौजी अपनी मां को कंधे पर बैठाकर हरिद्वार स्नान कराकर गंतव्य की ओर हुआ रवाना
हरिद्वार। हरिद्वार में इस बार कांवड़ यात्रा की ऐसी कई तस्वीरें सामने आ रही है जिसने लोगों को भावुक कर दिया। कहीं एक फौजी अपनी मां को कंधे पर बैठाकर ले जाता दिखा, तो कहीं एक पैर के सहारे कांवड़ लेकर निकले श्रद्धालु ने सभी को प्रेरित किया। आस्था के साथ इंसानियत और हिम्मत की मिसाल भी देखने को मिली। मां की सेवा को अपना धर्म मानने वाले बेटे से लेकर शारीरिक चुनौती के बावजूद कांवड़ यात्रा पूरी करने निकले श्रद्धालु तक, इन कहानियों ने हर किसी का दिल जीत लिया।
टोल प्लाजा बहादराबाद के पास एक भावुक कर देने वाला दृश्य देखने को मिला। हरिद्वार में गंगा स्नान कराने के बाद एक फौजी अपने 62 वर्षीय वृद्ध मां को कंधे पर बैठाकर अपने गंतव्य की ओर रवाना हुआ। साथ चल रहे कांवड़ियों ने बताया गया कि जवान अपने माता-पिता को हरिद्वार में गंगा स्नान कराने लाया था। हरियाणा निवासी फौजी रणवीर सिंह ने बताया कि मैं अपने माता-पिता को कांवड़ मेले में मां गंगा के दर्शन और स्नान कराने लेकर आया था। गंगा स्नान के बाद मेरी 62 वर्षीय मां के पैरों में दर्द होने लगा और उन्हें चलने में काफी परेशानी हो रही थी। मां को तकलीफ में देखकर मैंने उन्हें अपने कंधों पर बैठा लिया। माता-पिता की सेवा करना मेरा कर्तव्य है और उनके लिए इतना करना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। मां-बाप का आशीर्वाद ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। उपस्थित लोगों ने कहा कि आज के दौर में यह दृश्य समाज के लिए प्रेरणादायक है और माता-पिता की सेवा का सच्चा संदेश देता है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष वह एक पैर के सहारे हरिद्वार से गंगाजल लेकर दिल्ली के लिए रवाना हुए हैं। उनका कहना है कि सच्ची श्रद्धा और मजबूत इरादों के सामने कोई भी मुश्किल बड़ी नहीं होती। राजीव का साहस और अटूट आस्था कांवड़ यात्रा में शामिल अन्य श्रद्धालुओं के लिए भी प्रेरणा का विषय बनी हुई है। रास्ते में उन्हें देखकर श्रद्धालु उनके जज्बे की सराहना कर रहे हैं।


