श्रीकृष्ण जन्मोत्सव से पहले बाजारों में रौनक, मथुरा-वृंदावन शैली की पोशाकों और श्रृंगार सामग्री को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह
उत्तराखण्ड
31 अगस्त 2026
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव से पहले बाजारों में रौनक, मथुरा-वृंदावन शैली की पोशाकों और श्रृंगार सामग्री को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह
काशीपुर। नगर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर शहर में तैयारियां तेज हो गई हैं। चार सितंबर को मनाए जाने वाले श्रीकृष्ण जन्मोत्सव से पहले बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। पुरानी सब्जी मण्डी, मेन बाजार, रतन सिनेमा रोड, आवास-विकास रोड समेत शहर के प्रमुख बाजारों में लड्डू गोपाल की मूर्तियों, आकर्षक पोशाकों, पालने और श्रृंगार सामग्री की दुकानें सज गई हैं। श्रद्धालुओं ने जन्माष्टमी को लेकर खरीदारी भी शुरू कर दी है। बाजार में लड्डू गोपाल के लिए विभिन्न डिजाइन और रंगों की पोशाकें, मुकुट, मोर पंख, बांसुरी, हार, कंठी, झूले और अन्य श्रृंगार सामग्री लोगों को आकर्षित कर रही है। दुकानों पर कान्हा और राधा की रंग-बिरंगी पोशाकों के साथ जन्माष्टमी की पूजा और सजावट से जुड़ी सामग्री भी उपलब्ध है। दुकानदारों के अनुसार जन्माष्टमी नजदीक आने के साथ ही खरीदारी में लगातार तेजी आने की उम्मीद है।
सिद्धान्त देव श्रृंगार पुरानी सब्जी मण्डी दुकान स्वामी अनुराग सारस्वत ने बताया कि इस बार मथुरा-वृंदावन शैली की पोशाकों और श्रृंगार सामग्री को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। लोग अपने घरों में लड्डू गोपाल के लिए आकर्षक पोशाक के साथ मुकुट, मोर पंख, बांसुरी और अन्य श्रृंगार सामग्री खरीद रहे हैं। छोटे आकार के लड्डू गोपाल के साथ ही बड़े आकार की मूर्तियों की भी मांग देखी जा रही है। जन्माष्टमी के दिन घरों में भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप लड्डू गोपाल को सजाकर पालने में झुलाने और आधी रात को जन्मोत्सव मनाने की परंपरा है। इसे देखते हुए लोग अपनी पसंद के अनुसार पालने और श्रृंगार सामग्री की खरीदारी कर रहे हैं। बाजार में कई दुकानों पर आकर्षक ढंग से सजाए गए झूले और पोशाकें श्रद्धालुओं का ध्यान खींच रही हैं।

आपको बता दे कि शहर के प्रमुख मंदिरों में भी श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। श्री नागनाथ मंदिर, राधा-कृष्ण मंदिर, गायत्री देवी मंदिर, मां बाल सुंदरी देवी मंदिर, बड़े हनुमान मंदिर और इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी के आयोजन को लेकर व्यवस्थाएं की जा रही हैं। मंदिरों में सजावट, पूजा-अर्चना और जन्मोत्सव कार्यक्रम की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। मां बाल सुंदरी देवी मंदिर के मुख्य पंडा विकास अग्निहोत्री ने बताया कि जन्माष्टमी की रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। इसके लिए मंदिर में आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। जन्म के समय विशेष पूजा-अर्चना के साथ श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक आयोजन किए जाएंगे। जन्माष्टमी को लेकर बाजारों से लेकर मंदिरों तक भक्तिमय माहौल बनने लगा है। आने वाले दिनों में खरीदारी और मंदिरों में तैयारियों के और तेज होने की संभावना है।


