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राशन कार्ड के नियमों में बड़ा बदलाव, परिवार के हिसाब से मिलेगा राशन

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16 जून 2026
राशन कार्ड के नियमों में बड़ा बदलाव, परिवार के हिसाब से मिलेगा राशन
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने देश के सबसे गरीब परिवारों को मिलने वाले राशन के नियमों में बड़ा बदलाव करने का प्रस्ताव दिया है. सरकार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA), 2013 में संशोधन करने की तैयारी कर रही है. इसके तहत अंत्योदय अन्न योजना (AAY) के लाभार्थियों को मिलने वाले अनाज की मात्रा को अब परिवार के सदस्यों की संख्या से जोड़ा जाएगा. खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग ने इसके लिए ‘राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा विधेयक, 2026’ का मसौदा तैयार किया है और इस पर आगामी 13 जुलाई, 2026 तक जनता से सुझाव और टिप्पणियां मांगी हैं.

वर्तमान व्यवस्था बनाम नया प्रस्ताव
वर्तमान नियमों के अनुसार, अंत्योदय (AAY) श्रेणी के तहत आने वाले राशन कार्ड धारकों को प्रति परिवार निश्चित 35 किलोग्राम अनाज प्रति माह मिलता है. इसमें परिवार के सदस्यों की संख्या मायने नहीं रखती.

नए प्रस्ताव के तहत, अब प्रति व्यक्ति 7 किलोग्राम अनाज प्रति महीना दिया जाएगा. हालांकि, किसी भी परिवार के लिए अधिकतम राशन की सीमा को 35 किलोग्राम पर कैप कर दिया गया है.

विभिन्न परिवारों पर इसका प्रभाव
इस नए फॉर्मूले के लागू होने से छोटे परिवारों को मिलने वाले राशन में कमी आएगी, जबकि बड़े परिवारों को मिलने वाला राशन अधिकतम सीमा पर स्थिर रहेगा:

1 सदस्य का परिवार: पहले 35 किग्रा मिलता था, नए नियम से केवल 7 किग्रा मिलेगा.
2 सदस्यों का परिवार: नए नियम से केवल 14 किग्रा राशन मिलेगा.
3 सदस्यों का परिवार: नए नियम से केवल 21 किग्रा राशन मिलेगा.
4 सदस्यों का परिवार: नए नियम से केवल 28 किग्रा राशन मिलेगा.
5 या अधिक सदस्यों का परिवार: इन्हें अधिकतम सीमा के तहत 35 किग्रा राशन मिलता रहेगा.
बदलाव की मुख्य वजह
खाद्य मंत्रालय के अनुसार, मौजूदा फ्लैट-रेट व्यवस्था (फिक्स्ड 35 किलो) के कारण छोटे और बड़े गरीब परिवारों के बीच भारी असमानता पैदा हो रही थी. उदाहरण के लिए, ‘प्राथमिकता वाले परिवारों’ (PHH) को प्रति व्यक्ति 5 किलोग्राम राशन मिलता है. यदि किसी अंत्योदय परिवार में 7 सदस्य हैं, तो 35 किलो के हिसाब से उन्हें प्रति व्यक्ति केवल 5 किलो ही अनाज मिल पाता था. यह मात्रा अंत्योदय (सबसे गरीब) होने के बावजूद प्राथमिकता वाले सामान्य गरीब परिवारों के बराबर या उससे कम बैठती थी.

सरकार का कहना है कि यह संशोधन “मानव जीवन चक्र दृष्टिकोण” के तहत खाद्य और पोषण सुरक्षा को मजबूत करने के लिए लाया जा रहा है, ताकि देश के सबसे कमजोर वर्गों को उचित मात्रा में गुणवत्तापूर्ण भोजन मिल सके. वर्तमान में सरकार इस योजना के तहत चावल और गेहूं पूरी तरह मुफ्त दे रही है

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