गौकशी प्रकरण में फरार चल रहा आरोपी पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार
उत्तराखण्ड
4 जुलाई 2026
गौकशी प्रकरण में फरार चल रहा आरोपी पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार
रुद्रपुर। गदरपुर में करीब एक माह पहले सामने आए गौकशी प्रकरण में फरार चल रहे आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया. आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई के दौरान उसके पैर में गोली लग गई. घायल आरोपी को पहले बाजपुर अस्पताल और बाद में जिला अस्पताल रेफर किया गया. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायल आरोपी का हाल जाना और पूछताछ की. इस दौरान तस्कर एसएसपी के सामने हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाते दिखाई दिया.
गदरपुर क्षेत्र में करीब एक माह पूर्व हुई गौकशी की घटना में फरार चल रहे आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया. इस दौरान आरोपी और पुलिस के बीच हुई गोलीबारी में आरोपी के पैर में गोली लग गई. पुलिस ने उसके कब्जे से करीब 17 किलो प्रतिबंधित मांस, एक अवैध तमंचा, तीन जिंदा कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की है.
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायल आरोपी का हालचाल जाना. इसके बाद उन्होंने मीडिया को बताया कि करीब एक माह पहले गदरपुर क्षेत्र में गौकशी की एक घटना सामने आई थी. मामले की जांच के दौरान रेंज स्तर की गौवंश स्क्वाड टीम सूचना के आधार पर आरोपियों को पकड़ने पहुंची थी. उस समय आरोपियों ने पुलिस टीम पर दो राउंड फायरिंग कर दी थी. इस मामले में पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि दो आरोपी फरार हो गए थे.
अजय गणपति, एसएसपी ने बताया कि आरोपियों की लगातार तलाश की जा रही थी. एसओजी टीम को सूचना मिली कि गौकशी प्रकरण में शामिल फरार आरोपी मोईन ग्राम कनौरा के आसपास मौजूद है. सूचना मिलते ही एसओजी और स्थानीय थाना पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और आरोपी की घेराबंदी की. जिससे बाद मुठभेड़ के बाद तस्कर को गिरफ्तार कर लिया गया है.
पुलिस के अनुसार, खुद को घिरता देख आरोपी मोईन ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ चार राउंड फायरिंग कर दी. पुलिस ने भी आत्मरक्षा और आरोपी को पकड़ने के लिए जवाबी कार्रवाई करते हुए चार राउंड फायर किए. इस दौरान एक गोली आरोपी के पैर में लगी, जिससे वह घायल होकर मौके पर ही गिर पड़ा. पुलिस ने उसे तत्काल कब्जे में लेकर उपचार के लिए पहले बाजपुर के अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया


