शुभकर्मों को जीवन का हमसफर बनाने वाला व्यक्ति ही परमात्मा के द्वार तक पहुंचता है: सत्पुरुष बाबा फूलसंदे
उत्तराखण्ड
8 सितम्बर 2026
शुभकर्मों को जीवन का हमसफर बनाने वाला व्यक्ति ही परमात्मा के द्वार तक पहुंचता है: सत्पुरुष बाबा फूलसंदे
काशीपुर। सत्संग कार्यक्रम में मंत्र के सत्पुरुष बाबा फूलसंदे ने कहा कि मनुष्य का शरीर पुण्य कर्मों के लिए मिला है और इस शरीर पर ज्योति स्वरूप आत्मा विराजमान है। जिस मनुष्य ने धर्म को अपना सारथी बनाया, वही भवसागर और जन्म-मरण के बंधन से पार हो सकता है। उन्होंने कहा कि शुभकर्मों को जीवन का हमसफर बनाने वाला व्यक्ति ही परमात्मा के द्वार तक पहुंचता है।
बाबा पफूलसंदे ने कहा कि जो लोग सतगुरु की सीख को अपने जीवन में उतारते हैं, उन्हें दुखों का सामना कम करना पड़ता है। निराकार परमात्मा के नाम का निरंतर सिमरन करने से आत्मा का प्रकाश बढ़ता जाता है। उन्होंने कहा कि सांस-सांस में परमेश्वर का सिमरन करने वाले व्यक्ति को परमात्मा अपना मित्रा बना लेते हैं।
उन्होंने कहा कि मनुष्य का जीवन कटे-फटे कागज और पुराने वस्त्रा की तरह है, जिसे परमात्मा अपनी कृपा से संवारता रहता है। पाप कर्मों और गलत आचरण से मनुष्य का जीवन अंधकार
की ओर जाता है। जिनके हृदय और विचारों में विष भरा रहता है, उनकी बुद्धि बार-बार ठोकर खाती है।
बाबा ने कहा कि ब्रह्मरूप गुरु के चरणों की छाया में कांटे भी चंदन बन जाते हैं और शिव जैसे गुरु का सानिध्य मिलने पर जीवन के कांटे भी मधुवन मे बदल जाते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से धर्म
के मार्ग पर चलने और मनमाने आचरण से बचने का आहवान किया। कहा कि जिसके सिर पर परमात्मा रूपी गुरु का हाथ होता है, उसका जीवन रूपी बेड़ा पार हो जाता है, जबकि पाप कर्मों में
लिप्त व्यक्ति स्वयं अपने जीवन को कठिनाइयों में डाल देता है। सत्संग के समापन के बाद बड़ी संख्या में श्रृद्धलुओं ने मंत्रा दीक्षा ग्रहण की।


