मां पूर्णागिरी का मेला 27 फरवरी से शुरू
उत्तराखण्ड
13 फरवरी 2026
मां पूर्णागिरी का मेला 27 फरवरी से शुरू
खटीमा। देश के 51 शक्तिपीठों में से एक मां पूर्णागिरी मंदिर में हर वर्ष लगने वाले मां पूर्णागिरी मेले की तैयारियां पूरे सबाब पर हैं. तीन माह की सरकारी अवधि तक लगने वाले मां पूर्णागिरी मेले की तैयारियां को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है. जिलाधिकारी चंपावत मनीष कुमार ने मां पूर्णागिरि मेला तैयारी को लेकर स्थलीय निरीक्षण किया. विभिन्न विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर मेला तैयारियों के विषय में जानकारी ली. डीएम ने इस अवसर पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सहित अन्य सुविधाओं में बिजली पानी सड़क, पथ प्रकाश, पार्किंग,भीड़ प्रबंधन, यातायात सहित विभिन्न विषयों अधिकारी गणों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए. इस वर्ष मां पूर्णागिरी का मेला 27 फरवरी से 15 जून तक संचालित होगा.
भारत-नेपाल सीमा पर आयोजित होने वाला उत्तर भारत का सुप्रसिद्ध पूर्णागिरि मेला-2026 आगामी 27 फरवरी से 15 जून 2026 तक आयोजित होगा. मेले की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी मनीष कुमार ने गुरुवार को बूम फॉरेस्ट गेस्ट हाउस, टनकपुर में व्यापक समीक्षा बैठक कर संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. बैठक से पूर्व जिलाधिकारी ने मां पूर्णागिरि मंदिर के यात्रा मार्ग का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया.
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की यात्रा सुगम, सुरक्षित और सुव्यवस्थित होनी चाहिए. यात्रा एवं पैदल मार्गों पर किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या असुविधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने किराया नियंत्रण, वाहनों की फिटनेस जांच तथा टैक्सी संचालन को बैच प्रणाली से संचालित करने के निर्देश दिए. स्थानीय वाहन और ड्राइवरों को प्राथमिकता देने पर भी सहमति बनी. सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए आईपी आधारित सीसीटीवी सर्विलांस सिस्टम स्थापित किए जाएंगे.
स्वच्छता को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने मेला क्षेत्र में साफ-सफाई की ठोस व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. श्रद्धालुओं के लिए स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने हेतु पियाऊ, वाटर कूलर, टैंकर और सोलर हैंड पंप लगाए जाएंगे. अनाधिकृत पेयजल संयोजन हटाए जाएंगे तथा अस्थायी पथ प्रकाश, सोलर स्ट्रीट लाइट और हाईमास्ट लाइटों को दुरुस्त किया जाएगा. ओवरहैंगिंग तारों को व्यवस्थित कर विद्युत सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी.
स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए पर्याप्त संख्या में चिकित्सकों की तैनाती, ऑक्सीजन सिलेंडर, मोबाइल केयर यूनिट और एसडीआरएफ टीम की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए. भीड़ प्रबंधन के लिए पैदल मार्गों पर चौन डिवाइडर लगाए जाएंगे. अनाधिकृत रास्तों पर अस्थायी बैरिकेडिंग की जाएगी. मार्गदर्शन के लिए साइनेज बोर्ड स्थापित किए जाएंगे.
अग्नि सुरक्षा के दृष्टिकोण से धर्मशालाओं एवं सार्वजनिक स्थलों पर अग्निशमन यंत्र और फर्स्ट एड किट अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराए जाएंगे. फायर यूनिट और फायर वॉचर की तैनाती भी सुनिश्चित की जाएगी. खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और मूल्य नियंत्रण बनाए रखने के लिए रेट लिस्ट जारी कर नियमित निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा.


