महिला आरक्षण विधेयक को लेकर केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर श्रीमती अलका पाल किया तीखा हमला
उत्तराखण्ड
18 अप्रैल 2026
महिला आरक्षण विधेयक को लेकर केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर श्रीमती अलका पाल किया तीखा हमला
काशीपुर। महानगर कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती अलका पाल ने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। अपने वक्तव्य में उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण के नाम पर भाजपा ने अपने राजनीतिक हित साधने की कोशिश की, जिसे विपक्ष ने संसद में विफल कर दिया। अलका पाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से महिला सशक्तिकरण की पक्षधर रही है। उन्होंने याद दिलाया कि पंचायत स्तर पर महिलाओं को आरक्षण देने की शुरुआत राजीव गांधी के समय हुई थी, जिसे आगे बढ़ाते हुए सोनिया गांधी के नेतृत्व में यूपीए सरकार ने संसद में महिला आरक्षण बिल लाने का प्रयास किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है, बल्कि वर्तमान स्वरूप में लाए गए विधेयक का विरोध उसके “छिपे एजेंडे” के कारण किया गया। उनका आरोप है कि भाजपा महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन लागू कर राजनीतिक संतुलन बदलना चाहती थी, जिससे खासकर दक्षिण और पूर्वाेत्तर राज्यों को नुकसान हो सकता था। अलका पाल ने कहा कि “अगर भाजपा वास्तव में महिला आरक्षण चाहती है तो मौजूदा 543 सीटों पर ही इसे लागू कर सकती है। सीटें बढ़ाकर और परिसीमन जोड़कर इसे लागू करना राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश है।” उन्होंने यह भी कहा कि 2023 में जब महिला आरक्षण बिल संसद में लाया गया था, तब कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दलों ने उसका समर्थन किया था, जिससे यह स्पष्ट है कि कांग्रेस महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है।
भाजपा पर हमला बोलते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं के सम्मान की बात करने वाली पार्टी के शासन में कई महिला उत्पीड़न के मामले सामने आए, जिनमें पीड़ितों को न्याय के लिए संघर्ष करना पड़ा। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा और सम्मान के मुद्दे पर भाजपा का “दोहरे चरित्र” सामने आता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भविष्य में भी महिला आरक्षण के समर्थन में खड़ी रहेगी, लेकिन यह सुनिश्चित करेगी कि इसमें सामाजिक न्याय, ओबीसी और अन्य वंचित वर्गों के अधिकारों की अनदेखी न हो।


