सावधान ! – एलपीजी बुकिंग को लेकर ठग इंटरनेट और सोशल मीडिया पर हुए एक्टिव
उत्तराखण्ड
सावधान ! – एलपीजी बुकिंग को लेकर ठग इंटरनेट और सोशल मीडिया पर हुए एक्टिव
काशीपुर। इन दिनों देश भर में एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई बाधित है। लोग गैस की कमी की आशंका के चलते जल्दबाजी में अपना एलपीजी सिलेंडर बुक कर रहे हैं। लेकिन, आपकी इसी घबराहट का फायदा साइबर अपराधी उठा रहे हैं। अगर आप भी इंटरनेट पर गैस बुकिंग से जुड़ी जानकारी सर्च कर रहे हैं तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है।
एलपीजी बुकिंग को लेकर आजकल ठग इंटरनेट और सोशल मीडिया पर उन लोगों को खास तौर पर ट्रैक कर रहे हैं, जो गैस सिलेंडर की बुकिंग के बारे में जानकारी खोज रहे हैं। लोगों को फंसाने के लिए ये फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म्स पर फर्जी विज्ञापन और लिंक शेयर किए जा रहे हैं। इनमें तत्काल गैस सिलेंडर डिलीवरी या इमरजेंसी गैस सप्लाई जैसे लुभावने दावे किए जाते हैं। इन विज्ञापनों को इस तरह से डिजाइन किया जाता है कि गैस की किल्लत की घबराहट में लोग बिना सोचे-समझे जल्दबाजी में इन पर क्लिक कर दें।
इन दिनों लोग गूगल में गैस बुकिंग की वेबसाइट और लिंक सर्च कर रहे हैं। इसी मौके का फायदा उठाकर स्कैमर्स बिल्कुल असली दिखने वाली फर्जी वेबसाइट बना रहे हैं। जब आप हेल्पलाइन नंबर या बुकिंग नंबर सर्च करते हैं तब ये फर्जी लिंक आपको सबसे पहले दिखने लगते हैं। कई लोग बिना चेक किए इन वेबसाइट्स में दी गई पेमेंट लिंक पर क्लिक कर देते हैं और समझते हैं कि उनका गैस सिलेंडर बुक हो गया। लेकिन उन्हें नहीं पता होता कि वे ठगी का शिकार बन गए हैं। इन वेबसाइट्स में फर्जी हेल्पलाइन नंबर भी दी गई होती है, जिसमें कॉल करने पर एलपीजी उपभोक्ता से ओटीपी, बैंक अकाउंट नंबर, या यूपीआई आईडी जैसी व्यक्तिगत जानकारियां पूछ ली जाती हैं। जिसके बाद वे स्कैम का शिकार बन जाते हैं।
ऑनलाइन गैस बुकिंग में स्कैम से कैसे बचें?
ऑनलाइन गैस सिलेंडर की बुकिंग करने में कोई समस्या नहीं है। गैस कंपनियों ने बुकिंग की प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने के लिए यह सुविधा दी है। हालांकि, ये आप पर निर्भर करता है कि आप कितनी समझदारी से बुकिंग करते हैं।
1. गैस सिलेंडर की बुकिंग हमेशा अपनी गैस कंपनी के ऑफिशियल मोबाइल एप या आधिकारिक वेबसाइट से ही करें।
2. अनजान व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी, यूपीआई पिन, बैंक अकाउंट नंबर या क्रेडिट/डेबिट कार्ड की डिटेल्स बिल्कुल शेयर न करें।
अगर आप स्कैम का शिकार हो जाएं तो क्या करें?
अगर गलती से आपने किसी फर्जी लिंक पर पेमेंट कर दिया है तो बिलकुल घबराएं नहीं, बल्कि इसपर तुरंत एक्शन लें। ऐसी स्थिति में सबसे पहले भारत सरकार के साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके घटना की जानकारी दें।
इसके अलावा, आप नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर जाकर भी अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं।


