उत्तराखंड

सज गई श्री गणेश जी की मूर्तियां, नगर में लगने लगे पंडाल

उत्तराखण्ड
26 अगस्त 2025
सज गई श्री गणेश जी की मूर्तियां, नगर में लगने लगे पंडाल
काशीपुर। बुधवार 27 अगस्त को गणेश चतुर्थी है. गणेश चतुर्थी को विनायक चतुर्थी, विनायक चविथी या विनयगर चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है. हिंदू धर्म को मानने वाले गणेश चतुर्थी पर सिद्धि विनायक गणेश जी का जन्मदिन मनाते हैं. इस दिन घरों, गलियों और सार्वजनिक पंडालों में गणेश जी की मूर्तियां स्थापित की जाती हैं. गणेश उत्सव 10 दिन तक मनाया जाता है.

श्री गणेश चतुर्थी को लेकर मूर्तियों का बाजार भी सज गया है. गणेश उत्सव पूरे देश में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है. भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी काफी खास होती है, क्योंकि इस दिन से अगले 10 दिनों तक गणेश उत्सव मनाया जाता है. गणेश चतुर्थी के पहले दिन भक्तगण धूमधाम से गणेश जी को घर लेकर आते हैं और उनकी विधिवत पूजा अर्चना करते हैं. इसके साथ ही बप्पा की सेवा करने के साथ ही भव्य पंडाल भी बनाते हैं. गणेश जी की सेवा भक्त 10 दिनों तक विधिवत तरीके से करते हैं.

अनंत चतुर्दशी के दिन उन्हें जल में प्रवाहित करने के साथ अगले साल आने का न्योता भी देते हैं. गणेश चतुर्थी हिंदू धर्म का एक त्यौहार है, जो समृद्धि, बुद्धि और विध्यनहर्ता हाथी के सिर वाले देवता गणेश के जन्म के उपलक्ष्य में मनाया जाता है. त्यौहार की शुरुआत में गणेश की मूर्तियों को घरों में छोटे मंदिर या भव्य रूप से सजाए गए सार्वजनिक मंदिर, पंडालों में ऊंचे चबूतरे में स्थापित किया जाता है. शहर भर में कारीगर कई महिनों से गणेश भगवान की मूर्तियां बनाने में जुट जाते हैं. इनमें छोटी मूर्ति से लेकर बड़ी बड़ी मूर्तियां बनाई जाती हैं.

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