रजत जयंती पर शहर में दो दिवसीय भव्य कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार
उत्तराखण्ड
7 नवम्बर 2025
रजत जयंती पर शहर में दो दिवसीय भव्य कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार
मसूरी। देवभूमि उत्तराखंड के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में पूरे प्रदेश में रजत जयंती समारोह की तैयारियां जोरों पर हैं. राज्य की शान मानी जाने वाली पर्वत रानी मसूरी भी इस अवसर पर दुल्हन सी सजने जा रही है. नगर पालिका परिषद मसूरी की अध्यक्ष मीरा सकलानी के नेतृत्व में शहर में दो दिवसीय भव्य कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार कर ली गई है.
अध्यक्ष मीरा सकलानी ने बताया 8 नवंबर को मसूरी में भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी. यह शोभायात्रा सर्वे ग्राउंड से प्रारंभ होकर गांधी चौक तक जाएगी. इस दौरान पारंपरिक परिधान में सजे स्थानीय लोग, विद्यार्थी और सांस्कृतिक दल उत्तराखंड की झलक पेश करेंगे. गांधी चौक स्थित शहीद स्थल पर प्रदेश की सुख-समृद्धि और शांति के लिए महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा. इस दौरान राज्य आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी.
9 नवंबर को मसूरी के ऐतिहासिक टाउन हॉल में भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा. इसमें मसूरी और आसपास के स्थानीय कलाकारों के साथ-साथ प्रदेश के चर्चित लोकगायक अपनी प्रस्तुतियों से समां बांधेंगे. कार्यक्रम में गायक अज्जू तोमर, संगीता ढौड़ियाल, संजय कुमोला, जितेंद्र पंवार, अमित खरे, अंजलि खरे, प्रेरणा भंडारी नेगी और हास्य कलाकार त्रिलोक चौहान मंच पर अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे. सांस्कृतिक संध्या का संचालन राजेंद्र रावत करेंगे.नगर पालिका अध्यक्ष ने बताया कि कार्यक्रम को भव्य स्वरूप देने के लिए मसूरी के जड़ीपानी, बालूगंज, हाथीपांव सहित तमाम प्रमुख स्थानों और बाजारों को रंग-बिरंगी रोशनियों से सजाया जाएगा.
मीरा सकलानी ने कहा कि उत्तराखंड की रजत जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 9 नवंबर को देहरादून आ रहे हैं. उनके आगमन से प्रदेशवासियों में नई ऊर्जा का संचार होगा. उन्होंने कहा कि बीते दस वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड ने विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं. उन्होंने कहा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश तेजी से विकास की राह पर अग्रसर हैं. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का निर्माण “जन-जंगल-जमीन” के सिद्धांत पर हुआ था. भाजपा सरकार इन्हीं मूल भावनाओं को साकार करने के लिए लगातार कार्य कर रही है.
मीरा सकलानी ने कहा कि अब समय है कि सभी राजनीतिक, सामाजिक और जन संगठनों के लोग एक मंच पर आकर यह विचार करें कि आने वाले 25 वर्षों में उत्तराखंड को कैसे और मजबूत बनाया जाए. उन्होंने कहा पलायन रोकना, स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देना और पर्यटन आधारित रोजगार बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है. राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई होमस्टे योजना से जहां ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ी है. स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिला है.


