मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान – विवाह कर 2003 के बाद विवाह कर आईं बेटियों को मायके से लाने होंगे अपने कागज
उत्तराखण्ड
23 नवम्बर 2025
मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान – विवाह कर 2003 के बाद विवाह कर आईं बेटियों को मायके से लाने होंगे अपने कागज
देहरादून। राज्य में दूसरे राज्यों से 2003 के बाद विवाह कर आईं बेटियों को एसआईआर के लिए अपने मायके से कागज लाने होंगे।
दूसरे राज्यों से विवाह कर उत्तराखंड आईं बेटियों को मतदाता सूची में अपना वोट बचाए रखने के लिए मायके से कागज लाने होंगे। दूसरी ओर उत्तराखंड की मतदाता सूची अभी फ्रीज नहीं होने के कारण वोटर लिस्ट में नाम, पता आदि बदलाव कराए जा सकते हैं। चुनाव आयोग का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) दिसंबर या जनवरी में उत्तराखंड में भी शुरू होने जा रहा है।
इससे पहले मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखंड ने वर्ष 2003 की मतदाता सूची वेबसाइट पर जारी कर दी है। अन्य राज्यों ने भी अपनी पुरानी मतदाता सूची वेबसाइट पर जारी की हुई हैं। दूसरे राज्यों से उत्तराखंड में 2003 के बाद विवाह कर आईं बेटियों को एसआईआर के लिए अपने मायके से कागज लाने होंगे।
निर्वाचन विभाग के मुताबिक, यूपी समेत कई राज्यों ने 2003 की वोटर लिस्ट जारी की हुई है। उस वक्त जिनका वोट वहां था, उन्हें अपनी वोटर लिस्ट की जानकारी यहां एसआईआर में देनी होगी। जिनका वोट नहीं था, उन्हें अपने माता-पिता के संबंधित राज्य के 2003 के वोट की जानकारी यहां एसआईआर फॉर्म में देनी होगी। चूंकि यहां सभी एसआईआर शुरू होने वाला है, इसलिए पहले से ही कागज तैयार रखे जा सकते हैं
इसके अलावा जिनका नाम या पूर्वजों का नाम मतदाता सूची में है तो उन्हें अलग से कोई प्रमाणपत्र नहीं देना पड़गा। पुत्रवधू का रिलेशनशिप उनके मायके से जुड़ेगा।
मायके की 2023 की मतदाता सूची से रिलेशनशिप जोड़ते हुए ससुराल में भी मतदाता सूची में जुड़ जाएगा। जिनका 2023 की मतदाता सूची में नाम नहीं है और रिलेशनशिप भी नहीं जुड़ रहा है, उस दशा में सिर्फ मतगणना प्रपत्र भरकर बीएलओ को जमा करना पड़ेगा। बाद में उन्हें नोटिस भेजा जा सकता है। उस समय पुनः 11 प्रपत्र भरने के साथ ही निवासी होने के प्रमाणपत्र के रूप में जन्म प्रमाणपत्र, विश्वविद्याल या हाईस्कूल का प्रमाणपत्र, परिवार रजिस्टर की नकल, निवास प्रमाणपत्र, पासपोर्ट समेत 11 विकल्पों में कोई एक साक्ष्य देना पड़ेगा।


