उत्तराखंड

नगर निगम ने बड़ा फैसला – 19 मार्च से 27 मार्च तक मांस की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित

उत्तराखण्ड
19 मार्च 2026
नगर निगम ने बड़ा फैसला – 19 मार्च से 27 मार्च तक मांस की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित
रुद्रपुर। चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर रुद्रपुर नगर निगम ने बड़ा फैसला लिया है. शहर में 19 मार्च से 27 मार्च तक मांस की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी. महापौर ने साफ कहा है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.

उत्तराखंड के रुद्रपुर में चैत्र नवरात्र के पावन पर्व को ध्यान में रखते हुए नगर निगम प्रशासन ने बड़ा निर्णय लिया है. शहर में 19 मार्च से 27 मार्च तक मीट और मांस की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लागू रहेगा. यह आदेश पूरे नगर निगम क्षेत्र में सख्ती से लागू किया जाएगा. नगर निगम के इस फैसले का उद्देश्य नवरात्र के दौरान धार्मिक भावनाओं का सम्मान करना और शहर में सात्विक एवं आध्यात्मिक वातावरण बनाए रखना है.

इस संबंध में जानकारी देते हुए महापौर विकास शर्मा ने बताया कि चैत्र नवरात्र हिंदू धर्म का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र पर्व है. इन नौ दिनों के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु व्रत-उपवास रखकर देवी शक्ति की उपासना करते हैं.

महापौर ने कहा कि जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है कि नगर निगम क्षेत्र के भीतर किसी भी प्रकार के कच्चे या पके हुए मांस का विक्रय नहीं किया जाएगा. उन्होंने सभी नागरिकों और व्यापारियों से अपील की है कि वे इस निर्णय का सम्मान करें और सहयोग प्रदान करें, ताकि पर्व की पवित्रता बनी रहे.

रुद्रपुर नगर निगम प्रशासन ने इस दौरान सख्ती बरतने की भी चेतावनी दी है. महापौर ने स्पष्ट किया कि यदि कोई दुकानदार, प्रतिष्ठान संचालक या रेस्टोरेंट मालिक प्रतिबंध के बावजूद मांस की बिक्री करते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. इसमें जुर्माना लगाने के साथ-साथ ट्रेड लाइसेंस निरस्त करने जैसी कार्रवाई भी शामिल हो सकती है. यह प्रतिबंध केवल मीट की दुकानों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उन सभी होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट पर भी लागू होगा, जहां मांसाहारी भोजन तैयार या परोसा जाता है.

नगर निगम की प्रवर्तन टीमें पूरे शहर में लगातार गश्त करेंगी और नियमों का पालन सुनिश्चित कराएंगी. नगन निगम प्रशासन का कहना है कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य किसी विशेष वर्ग को प्रभावित करना नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था और सामाजिक संतुलन बनाए रखना है.

सार्वजनिक स्थलों पर मांस के प्रदर्शन और बिक्री से श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत न हों, इसके लिए यह निर्णय लिया गया है. नगर निगम ने सभी व्यापारियों और नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि नवरात्र के दौरान शहर में शांति, स्वच्छता और आध्यात्मिक माहौल बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है.

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