नई ट्रेने न मिलने से आज भी रामनगर-काशीपुर की हो रही उपेक्षा
उत्तराखण्ड
1 जुलाई 2025
नई ट्रेने न मिलने से आज भी रामनगर-काशीपुर की हो रही उपेक्षा
काशीपुर। रामनगर-काशीपुर के साथ यह कैसा भेद-भाव कि कुमांऊ का प्रवेश द्वारा होने के बावजूद रामनगर-काशीपुर से आजतक राजधानी देहरादून के लिए एक भी टेªन 25 वर्ष बाद भी संचालित नहीं हुई। जबकि देश-विदेश में प्रसिद्ध कॉर्बेट नेशनल पार्क में पर्यटकों के पहुंचने के लिए रेल मार्ग की सुविधा तो है, लेकिन पर्याप्त संख्या में ट्रेन नहीं हैं। सर्व विदित है कि काशीपुर – रामनगर क्षेत्र हमेशा से ही लम्बी दूरी की ट्रेनों के लिए तरसता रहा है। पहले उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के लिए जो टेªन रामनगर से लिंक एक्सप्रेस संचालित होती थी वह भी पहले काफी वर्षाे से बन्द कर दी गई।
अब रामनगर- काशीपुर से गिनी-चुनी ही ट्रेन संचालित होती हैं, जबकि कुमाऊँ मंडल से संचालित होने वाली अधिकतर बड़ी ट्रेन लालकुंआ व टकनपुर से शुरू की जा रही है। रेलवे द्वारा रामनगर- काशीपुर क्षेत्र की उपेक्षा का हाल यह है कि यहां से चलने वाली कई ट्रेनों का संचालन कोरोनाकाल में बंद किया गया था जो आज तक आरंभ नहीं हो सका है।
पूर्वाेत्तर रेलवे मण्डल ने हरिद्वार जाने वाली ट्रेन का संचालन सवारी न मिलने का हवाला देते हुए पूरी तरह ठप कर दिया गया। काफी समय रामनगर-काशीपुर से देहरादून व हरिद्वार, लखनऊ के लिए नियमित ट्रेन का संचालन किये जाने की मांग पुरजोर ढंग से उठती आ रही है लेकिन यहां के जनप्रतिनिधि इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे।
जैसा की विदित हो हमेशा की तरह काशीपुर से धामपुर के लिए नई रेल लाइन का समय-समय पर सर्वे होता रहता है। लेकिन हमेश की तरह रेल लाइन के लिए नेताओं द्वारा बड़े-बड़े आश्वासन भी दिये जाते रहे हैं, लेकिन हुआ आज तक कुछ नहीं। जबकि इस रेल लाइन के बन जाने से हरिद्वार व देहरादून की दूरी 50 किलोमीटर कम हो जायेगी और हल्द्वानी से देहरादून जाने वाली ट्रेन वाया काशीपुर होकर जायेंगी तो उन्हें भी 50 किलोमीटर कम सफर तय करना पड़ेगा। इससे जहां यात्रियों का पैसा व समय बचेगा वहीं इस क्षेत्र के लोगों की वर्षों पुरानी मांग भी पूरी हो जायेगी।
वहीं विश्व विख्यात पर्यटक स्थल जिम कॉर्बेट पार्क भ्रमण के लिए दूर-दूर से आने वाले पर्यटकों को रामनगर पहुंचने के लिए अभी भी वाया हल्द्वानी होकर टैक्सियों में धक्के खाने को मजबूर होना पड़ रहा है। क्योंकि अधिकतर प्रमुख ट्रेन काठगोदाम-हल्द्वानी के लिए ही चलाई जा रही हैं।
केंद्र सरकार का कहना है कि देश अमृत काल में और विकास के पथ अग्रसर है, लेकिन यहां रामनगर- काशीपुर की जनता देश के प्रमुख नगरों के लिए नई ट्रेनों के चलने के इंतज़ार में सरकारों से आस लगाये बैठी है, कि कोई तो नेता आएगा जो यहाँ पर के दर्द को अपना दर्द समझेगा और उसके निवारण के लिए ठोस कदम उठाएगा परंतु इसे दुर्भाग्य ही कहें कि यहां की जनता की सुनने वाला कोई नहीं है।


