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शादी में शराब न पिलाने पर मिलेंगे ₹51 हजार

उत्तराखण्ड
6 फरवरी 2026
शादी में शराब न पिलाने पर मिलेंगे ₹51 हजार
डोईवाला। उत्तराखंड में शादी, पार्टी समेत अन्य कार्यक्रमों में शराब परोसने का प्रचलन अमूमन देखा जाता है. इस प्रचलन के कारण एक तरफ परिवार इसे जिम्मेदारी मानते हुए आर्थिक बोझ के तले दबता है तो दूसरी तरफ इस तरह के आयोजनों से युवाओं में नशे की प्रवृत्ति भी बढ़ती जा रही है. इसी प्रवृत्ति को रोकने और खत्म करने के लिए गड़ूल गांव की ग्राम प्रधान ने अच्छी और सराहनीय पहल शुरू की है.

उत्तराखंड शादियों में कॉकटेल पार्टी का चलन तेजी से बढ़ रहा है. इसी चलन के खिलाफ डोईवाला विधानसभा के गड़ूल ग्राम पंचायत में एक अच्छी पहल देखने को मिली है. गड़ूल ग्राम पंचायत की ग्राम प्रधान स्वीटी रावत ने कॉकटेल पार्टी के चलन पर रोक लगाने वाले शादी वाले परिवार को 51 हजार रुपए की आर्थिक मदद करने का निर्णय लिया है. इस निर्णय के तहत प्रधान स्वीटी रावत अभी तक ऐसे दो परिवारों को 51-51 हजार-हजार रुपए का चेक दे चुकी है.

क्या बोलीं ग्राम प्रधान स्वीटी रावत- ग्राम प्रधान स्वीटी रावत का कहना है कि उनकी ओर से एक मैसेज देने की कोशिश की गई है. कॉकटेल पार्टी के चलन से जहां पैसे की बर्बादी होती है तो वहीं युवाओं में नशे की प्रवृत्ति भी बढ़ रही है. इसी प्रवृत्ति को रोकने और खत्म करने के लिए उन्होंने ये मुहिम शुरू की है. इस मुहिम को कई लोगों की ओर से सराहा भी गया है. साथ ही समर्थन भी मिल रहा है.

शराब न पिलाने पर मिलेगा 51 हजार रुपए का चेक-स्वीटी रावत ने बताया कि अभी तक वे दो परिवारों को 51-51 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दे चुकी है. जिसमें 1 दिसंबर 2025 को गांव के निवासी ज्ञान सिंह बिष्ट ने बेटी के शादी कार्यक्रम में शराब न पिलाकर पहल की शुरुआत की थी. इस शुरुआत पर देहरादून डीएम सविन बंसल के हाथों उन्हें 51 हजार रुपए का चेक देकर सम्मानित किया गया था.

देवेंद्र सिंह को दिया 51 हजार रुपए का चेक- इसी कड़ी में आज 5 फरवरी को देवेंद्र सिंह रावत के बेटी के विवाह कार्यक्रम में कॉकटेल पार्टी का आयोजन न करके उन्होंने पहल को आगे बढ़ाने का कार्य किया है. इसी कार्य की सराहना करते हुए उन्हें 51 हजार रुपए का चेक सम्मान के साथ दिया गया.

वहीं, ग्राम प्रधान स्वीटी रावत के धर्मेंद्र रावत ने कहा कि क्षेत्र में नशे को कम करने और शादी में परोसी जाने वाली शराब के चलन को बंद करने की पहल सभी क्षेत्रों को प्रतिनिधियों को करनी चाहिए. इस चलन से गरीब को दोहरी मार पड़ रही है. एक तो पैसे की अनावश्यक बर्बादी हो रही है.

दूसरी तरफ युवाओं में भी नशे का चलन बढ़ रहा है.उन्होंने इस प्रथा को खत्म करने के लिए कॉकटेल पार्टी न करने वाली शादी में 51 हजार रुपए की आर्थिक मदद करने की बात कही है. उन्होंने बताया कि देहरादून डीएम भी उनके इस पहल की जमकर सराहना कर चुके हैं

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