उत्तराखंड

पत्रकारों के हितों में बड़ा और धमाकेदार फैसला – टोल टैक्स से मुक्ति, समितियों में अब स्थानीय पत्रकारों को मिलेगी जगह

उत्तराखण्ड
5 जनवरी 2025
पत्रकारों के हितों में बड़ा और धमाकेदार फैसला – टोल टैक्स से मुक्ति, समितियों में अब स्थानीय पत्रकारों को मिलेगी जगह
देहरादून। जिलाधिकारी आईएएस सविन बंसल ने लोकतंत्र के चौथे स्तंभ यानी पत्रकारों के हितों में एक और बड़ा और धमाकेदार फैसला लिया है। जिला स्तरीय पत्रकार स्थायी समिति की महत्वपूर्ण बैठक में जिलाधिकारी ने पत्रकारों की सभी 6 प्रमुख मांगों को न केवल उचित माना, बल्कि संबंधित विभागों को इनके तत्काल क्रियान्वयन के सख्त निर्देश भी जारी कर दिए हैं। जिलाधिकारी सविन बंसल ने पत्रकारों की समस्याओं को केवल सुना ही नहीं, बल्कि उन पर ठोस और निर्णायक मुहर लगाकर यह स्पष्ट कर दिया कि उनके प्रशासन में लोकतंत्र के प्रहरियों का सम्मान सर्वाेपरि है। डीएम के इस क्रांतिकारी कदम ने साबित कर दिया कि जब नियत साफ हो, तो जनहित और पत्रकार-हित के फैसले फाइलों में नहीं, बल्कि धरातल पर धड़कते हैं। राजधानी में पत्रकारों के हितों की रक्षा के लिए उत्तराखंड पत्रकार यूनियन का संघर्ष आखिरकार रंग लाया है।

प्रेस स्टीकर की गरिमा – सूचना विभाग अब जिला और प्रदेश स्तर के मान्यता प्राप्त पत्रकारों के वाहनों के लिए आधिकारिक स्टीकर जारी करेगा, ताकि प्रेस की पहचान सुरक्षित रहे।

टोल-टैक्स से मुक्ति- जनपद के भीतर स्थानीय स्तर पर पत्रकारों के वाहनों को टोल-टैक्स से मुक्त रखने के संबंध में उचित कार्यवाही की जाएगी।

विकास समिति में प्रतिनिधित्व – नगर निगम और नगर पालिकाओं की वार्ड/मोहल्ला विकास समितियों में अब स्थानीय पत्रकारों को जगह मिलेगी, ताकि विकास कार्यों की सही निगरानी हो सके।

अस्पतालों में अलग आपीडी -सरकारी अस्पतालों में पत्रकारों को लंबी लाइनों से मुक्ति मिलेगी। उनके लिए अलग ओपीडी और दवा वितरण की विशेष सुविधा होगी।

मुफ्त पार्किंग – शहर के सरकारी पार्किंग स्थलों पर अब पत्रकारों को अपने वाहन खड़े करने के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा।

लोकल परचेज (एलपी) दवाएं- पत्रकारों के लिए पूर्व की भांति दवाइयां लोकल परचेज (एलपी) के माध्यम से उपलब्ध कराने की सुविधा को बहाल किया जाएगा।

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