गुटखा सिगरेट की हो रही खुलेआम कालाबाजारी
उत्तराखण्ड
22 मार्च 2026
गुटखा सिगरेट की हो रही खुलेआम कालाबाजारी
काशीपुर। नगर के व्यापारी अपनी मनमानी करते हुए एमआरपी से दो गुने अधिक रेट वसूलकर ग्राहकों व उपभोक्ताओं की जेबों पर खुलेआम डाका डाल रहे हैं। ग्राहकों द्वारा इसका विरोध करने पर दुकानदार, सैल्समेन व सैल्समेन, होलसेलर एजेंट द्वारा रेट बढ़ाए जाने का हवाला दिया जा रहा है। बतादें कि शहर में इन दिनों पिछले करीब एक माह से पान-मसाले, बीड़ी-सिगरेट समेत अन्य सीलबंद पैकेटों पर मैक्सिमम रिटेल प्राईज (एमआरपी) से अधिक खुलेआम बसूला जा रहा है।
हवाला यह दिया जा रहा है कि ऊपर से रेट बढ़े हुए हैं। इस पर ग्राहक द्वारा जब दुकानदार से अधिक वसूले जाने का विरोध किया जाता है तो दुकानदार खुलेआम सैल्समेन का पर्चा दिखाकर मुख्य होलसेलर द्वारा पैसे बढ़ाए जाने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ ले रहे है। ऐसे प्रकरण शहर में अधिकांश दुकानों पर देखने को मिल रहे हैं। इन विवादों के चलते सीलबंद पैकेटों की बिक्री अब महज अवैध लेन-देन का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह सीधे-सीध्ेा उपभोक्ता के अधिकारों पर चोट बनकर सामने आया है। कंपनियों द्वारा अधिकृत रूप से किसी भी प्रकार की मूल्य वृद्धि न किए जाने के बावजूद बाजार में निर्धरित अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) से अधिक कीमत वसूली जा रही है।
नगर क्षेत्र के बाजारों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 5 रुपये में बिकने वाला गुटखा खुलेआम 7 से 8 रुपये प्रति बेचा जा रहा है। वहीं 20 रुपये की सिगरेट 25 रुपये में और 10 रुपये की सिगरेट 15 रुपये तक में बेची जा रही है। चौंकाने वाली बात यह है कि जिन वस्तुओं पर ओवररेट वसूले जा रहे हैं उन पैकेट पर अब भी पुरानी एमआरपी अंकित है, उसके बावजूद दुकानदार अतिरिक्त राशि वसूलने से नहीं चूक रहे। दुकानदारों द्वारा ‘आपूर्ति बाधित’ और ‘माल की कमी’ का हवाला देकर उपभोक्ताओं से अधिक रकम ली जा रही है। कई ग्राहकों का आरोप है कि शहर और आसपास के क्षेत्रों में जानबूझकर भंडारण कर कृत्रिम संकट पैदा किया जा रहा है, ताकि ऊंचे दामों पर बिक्री की जा सके।


