उत्तराखंड में जनगणना: वेब पोर्टल और एप्लीकेशन शीघ्र होगा लॉन्च
उत्तराखण्ड
8 फरवरी 2026
उत्तराखंड में जनगणना: वेब पोर्टल और एप्लीकेशन शीघ्र होगा लॉन्च
देहरादून। उत्तराखंड में जनगणना को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं. पहले चरण में मकानों की जनगणना की जा रही है, जिसके लिए एक वेब पोर्टल और एप्लीकेशन लॉन्च किया जाएगा. जिस पर आम लोग खुद अपने मकानों की जानकारी दर्ज करा सकेंगे और जनगणना की इस राष्ट्रीय जिम्मेदारी में सहभागिता निभा पाएंगे.
देश में 2011 के बाद जनगणना को लेकर अब एक बार फिर से तैयारियां तेज हो चुकी हैं. उत्तराखंड में अलग-अलग चरणों में होने वाली जनगणना को पूरा करने के लिए जनगणना निदेशालय लगातार कार्य कर रहा है. उत्तराखंड में जनगणना सेक्रेटरी और जनगणना के उत्तराखंड में नोडल IAS अधिकारी दीपक कुमार ने बताया कि भारत सरकार का यह बेहद महत्वपूर्ण टास्क होता है.
नोडल IAS अधिकारी दीपक कुमार का कहना है कि मकानों के सर्वे के लिए उनके इल्यूमिनेटर (प्रकाशक) जाएंगे, लेकिन उससे पहले ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर एप्लीकेशन वाली सुविधा आम जानता को उपलब्ध करा दी जाएगी. इस एप्लीकेशन में अपनी जानकारियां साझा करनी होंगी. कुछ सवालों के जवाब भी देने होंगे. इसमें एक आईडी जनरेट हो जाएगी. बाद में जब जनगणना प्रकाशक जाएंगे तो वह एप्लीकेशन में दर्ज जानकारियां वेरिफाइ करेंगे. उन्होंने बताया कि यह तय हो चुका है कि आने वाले अप्रैल से सितंबर माह के बीच में उतराखंड में मकानों की गणना होगी.
उत्तराखंड के जनगणना नोडल अधिकारी दीपक कुमार ने बताया कि, अभी पहले चरण में उत्तराखंड के सभी मकानों की गणना की जा रही है. अगले साल 2027 के फरवरी माह के 20 दिन के भीतर जन की गणना यानी लागों की गणना भी कर दी जाएगी. केंद्र द्वारा इसकी अधिसूचना जारी हो चुकी है और जनगणना के लिए फरवरी माह के दिन का समय रखा गया है. उन्होंने कहा कि इस बड़े टास्क के लिए जनगणना निदेशालय को पूरा स्टाफ दिया जाएगा और यह कार्य युद्धस्तर पर पूरा किया जाएगा. यानी बड़े स्तर पर एक बड़ा अभियान चलाया जाएगा और 20 दिन के भीतर पूरे प्रदेश की जनगणना की जाएगी.
उत्तराखंड में जनगणना के लिए नोडल अधिकारी बनाए गए IAS अधिकारी दीपक कुमार ने सभी आमजन से यह अपील की है कि वह राष्ट्र निर्माण के लिए हो रहे इस जनगणना के कार्य में अपनी सहभागिता दें. जनगणना के बाद देश के विकास को एक नई दिशा मिलती है. देश में विकास योजनाओं और भविष्य को लेकर एक नया परिदृश्य सामने आता है. जिस तरह से आज के डिजिटल युग में सभी लोग टेक्नोलॉजी से जुड़े हुए हैं. उन्होंने कहा कि जनगणना शुरू होने से पहले सरकार और जनगणना निदेशालय द्वारा आम लोगों के लिए वेब एप्लीकेशन लॉन्च किए जाएंगे. आप सभी उनके माध्यम से जनगणना के कार्य को सरल और सहज बना सकते हैं.


